सुपरस्टार विजय अब तमिलनाडु के CM : पर्दे के थलपति की तमिल राजनीति का जननायक बनने की कहानी
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एंटरटेनमेंट/ नेशनल डेस्क. सुपरस्टार थलपति विजय ने रविवार को तमिलनाडु के CM पद की शपथ ले ली। उनके साथ 9 विधायक भी मंत्री पद की शपथ ले रहे हैं। राज्यपाल आरवी आर्लेकर ने सभी को शपथ दिला रहे हैं। राजनीति की दुनिया में कदम रखने वाले विजय की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। 500 रुपए से एक्टिंग करियर की शुरुआत करने वाले विजय ने काफी आलोचनाओं का सामना किया।
लेकिन वक्त के साथ वह करोड़ों लोगों के थलपति बन गए। फिल्मों में रोमांटिक हीरो से लेकर मास लीडर बनने तक का उनका सफर लगातार स्ट्रगल, विवाद और कमबैक से भरा रहा। अब एक्टिंग छोड़ राजनीति पर पूरा फोकस करने का उनका फैसला उन्हें एक नए दौर की तरफ ले जा रहा है। अब वो तमिलनाडु के सीएम बन गए हैं। ऐसे में जानते हैं कि कैसे विजय फिल्मों में आए।

चेन्नई के छोटे गांव में जन्म
विजय का जन्म 22 जून 1974 में चेन्नई के एक छोटे से गांव में हुआ। उनके पिता एस ए चंद्रशेखर एक फिल्म डायरेक्टर हैं। वहीं, उनकी मां तमिल सिनेमा में सिंगर बनने के लिए स्ट्रगल कर रही थीं। लेकिन उनकी यह दिक्कत ज्यादा दिन नहीं चली।
घर का माहौल पूरी तरह फिल्मों से जुड़ा हुआ था। तो विजय ने भी खुद को उसी रंग में रंग लिया। 10 साल की उम्र में उन्होंने एक्टिंग डेब्यू किया था। इसके लिए विजय को 500 रुपए मिले थे।
विजय अपना एक्टिंग करियर बनाना चाहते थे और परिवार भी उनके फैसले से खुश था। लेकिन उनकी छोटी बहन विद्या की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। इस घटना से विजय अंदर से टूट गए थे, हालांकि समय के साथ उन्होंने खुद को संभाल लिया।

18 साल की उम्र में एक्टर बनने का सपना देखा
18 साल का उम्र में विजय ने पिता को अपने एक्टर बनने के सपने के बारे में बताया। पिता उस वक्त नामी डायरेक्टर बन चुके थे और तमिल सिनेमा की सच्चाई को अच्छी तरह जानते थे। उन्हें पता था कि यहां एक्टर्स पूजनीय जरूर होते हैं, लेकिन इसके लिए बहुत चुनिंदा लोग पसंद किए जाते हैं। इन सभी वजहों से विजय के पिता ने शुरुआत में इनकार किया। लेकिन बाद में वह मान गए। फिर विजय ने एक्टिंग पर काम किया और पहली फिल्म रिलीज हुई।
पहली फिल्म से जोकर टैग मिला
1992 में विजय की पहली फिल्म 'नालाया थीरपु' रिलीज हुई। इसे उनके पिता उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने ही डायरेक्ट किया था। लेकिन लोगों को उनका चेहरा हीरो के तौर पर पसंद नहीं आया। आज जो उनके फैंस हैं, वह विजय को उस वक्त हीरो नहीं, जोकर बुलाते थे। हालांकि, इसके बाद विजय ने आलोचनाओं से सीखना शुरू किया और बाउंस बैक करने की कोशिश करने लगे।
इसके बाद 1996 में उनकी फिल्म पूवे उनाक्कागा रिलीज हुई। यह फिल्म बड़ी हिट साबित हुई और इसमें निभाया गया उनका रोमांटिक किरदार लोगों को खूब पसंद आया। फिल्म में उनका लवर किरदार लोगों को काफी पसंद आने लगा। विजय ने भी इसी ट्रैक को चुन लिया और लगातार फिल्मों में ऐसे किरदार निभाने लगे। उन्होंने काधलुकु मरियाधाई, मनमुम थुल्लुम और कुशी जैसी फिल्मों में काम किया।
इन सभी फिल्मों में विजय को लवर बॉय दिखाया गया था। खास करके महिलाओं में उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई थी। कुछ ही साल में वह तमिल सिनेमा के लिए भरोसेमंद चेहरा भी बन गए।

बार-बार लुक बदलकर फैंस का दिल जीता
2000 तक विजय एक नामी एक्टर बन चुके थे। लेकिन, उन्हें लगा की एक ही इमेज ज्यादा दिन तक नहीं चल सकती। तो उन्होंने अपना ट्रैक बदलने का सोचा। 2003 में थिरुमलाई आई। इस फिल्म में विजय ने अपने स्टाइल और लुक को नया मौका दिया। इसके बाद 2004 में गिल्ली आई। यह ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इसे देखने फैंस का सैलाब उमड़ पड़ा। इस फिल्म के बाद विजय लवर बॉय से मांस हीरो बन चुके थे। लेकिन, यह सफलता ज्यादा दिन नहीं चली 2007 से 2010 तक उनकी सभी फिल्में फ्लॉप साबित हुई।
नए किरदार के साथ 2012 में वापसी की
लोगों को लगा की विजय का करियर खत्म हो चुका है। लेकिन फिर नए अंदाज में उन्होंने वापसी की। फिल्म थी थुक्पा। अब विजय ऐसे किरदार निभा रहे थे, जिसमें हीरो सत्ता को चुनौती देता है। वह एक जन नेता के तौर पर सामने आने लगे। स्क्रीन पर लोग एक्टर विजय नहीं, बल्कि राज नेता विजय को देखना चाहते थे।

2013 में सीएम ने मिलने से इनकार किया
2013 में विजय की फिल्म थलाइवा को रिलीज होने से रोक दिया गया था। उस वक्त राज्य में AIADMK की सरकार थी। जयललिता CM थीं। विजय मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे। वह फिल्म रिलीज पर बात करना चाहते थे। लेकिन, पार्टी ने साफ मना कर दिया।
विजय के लिए यह एक बड़ा झटका था। वह अब लोगों के बीच जाकर उन्हें मदद करना चाहते थे। और इनके लिए सबसे बड़ा मौका बना जली कट्टु आंदोलन।
जली कट्टु आंदोलन में विजय के साथ क्या हुआ
2017 में विजय को लोगों से जुड़ने का मौका मिला। यह मौका था जली कट्टु आंदोलन। तमिलनाडु में पोंगल के मौके पर बैल पकड़ने का खेल कई साल से चला आ रहा था। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने 2014 पर इसे बैन कर दिया। लोग इसके खिलाफ सड़को पर उतरे और इस समय उनके मसीहा बने थलपति विजय।
यह पहली बार था जब विजय असल जीवन में किसी आंदोलन का हिस्सा बने थे। लेकिन ऐसा कर वह सरकार और सिस्टम के नजर में आ गए। इसका हर्जाना विजय को 2020 में भुगतना पड़ा। 2020 में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान बिना किसी नोटिस के पुलिस विजय को पकड़कर ले गई। उन्हें चेन्नई लाया गया। वहां उनके घर पर भी छापेमारी हुई। विजय से करीब 10 घंटे पूछताछ की गई। एक्टर पर टैक्स चोरी और काला धन रखने के आरोप तक लगने लगे।

वैनिटी वैन की छत से सत्ता को जवाब दिया
अगले ही दिन विजय ने सभी को एक अलग अंदाज में जवाब दिया। वह फिर शूटिंग वाली जगह पहुंचे। वैनिटी की छत पर चढ़ें और फिर फैंस के साथ सेल्फी ली। मीडिया और विजय के फैंस ने इस सत्ता के लिए एक चुनौती के तौर पर समझा। लोगों का कहना था कि विजय डरते नहीं हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी दिन से विजय ने अपनी पार्टी बनाने की सोची।
2009 से राजनीति में आने की तैयारी
विजय ने 2009 से ही राजनीति में आने की तैयारी शुरू कर दी थी। उनका फैन क्लब थलापति मक्कल इयक्कम 2009 में ही बना था। कुछ समय के बाद यह सिर्फ एक फैन क्लब नहीं रहा था, एक नेटवर्क बन चुका था। इससे विजय भी जुड़कर सामाजिक काम और लोगों की मदद करते थे। 2021 में उन्होंने स्थानीय चुनाव में अपनी ताकत आजमाई। जब विजय को भरोसा हो गया कि वह राजनीति में आने के लिए तैयार हैं। तो, उन्होंने 2024 में तमिलगा वेत्री कजगम (TVK) बनाई। पार्टी बनाने के साथ विजय ने एक्टिंग से संन्यास लेने का भी ऐलान किया। उन्होंने साफ कर दिया कि जन नायकन उनकी आखिरी फिल्म होगी। वह आधे मन से नहीं, बल्कि पूरे मन से लोगो की सेवा करना चाहते हैं।

पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में भी विवाद जारी था
राजनीति में आने के पहले और बाद में विजय के परिवार में भी कई विवाद हुए।
1. माता-पिता के खिलाफ केस फाइल किया
साल 2020 में पिता ने विजय मक्कल इयक्कम नाम की एक राजनीतिक पार्टी शुरू की थी। इसके लिए पहले से मौजूद फैन क्लब को राजनीतिक संगठन में बदल दिया गया। इस पार्टी में एक्टर के पिता को जनरल सेक्रेटरी बनाया गया, जबकि विजय की मां को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फैसले से पहले विजय से सलाह नहीं ली गई थी।
इसके बाद सितंबर 2021 में विजय ने अपने माता-पिता समेत 11 लोगों के खिलाफ केस दायर किया। उन्होंने मांग की कि उनकी तस्वीर, नाम या फैन क्लब का इस्तेमाल किसी भी राजनीतिक गतिविधि के लिए न किया जाए।
2. पत्नी ने धोखा देने के आरोप लगाए
2025 में विजय की पत्नी संगीता सोर्नालिंगम ने डिवोर्स केस फाइल किया था। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक- विजय की पत्नी ने उनके खिलाफ फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर की थी। इस याचिका में संगीता ने उन पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। याचिका में दावा किया गया था कि विजय का एक एक्ट्रेस के साथ कथित एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर था, जिसकी जानकारी संगीता को अप्रैल 2021 में मिली। विजय ने उस रिश्ते को खत्म करने का आश्वासन दिया था। लेकिन, फिर भी उनका रिलेशन जारी रहा। इससे संगीता की मेंटल, इमोशनल और फिजिकल हेल्थ खराब होने लगी। नतीजतन, उन्होंने अलग होने का फैसला किया।

3. जन नायकन की रिलीज आगे बढ़ी
जन नायकन पोंगल के मौके पर रिलीज होने वाली थी। लेकिन सेंसर बोर्ड की तरफ से समय पर सर्टिफिकेट नहीं मिला। बल्कि फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया गया। यहीं से विवाद शुरू हो गया। इससे नाराज होकर मेकर्स ने मद्रास हाईकोर्ट का रूख किया। पहली सुनवाई में कोर्ट ने फिल्म को U/A सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया।
हालांकि, CBFC ने इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की, जिसके बाद मामले पर स्टे लग गया। फिर मेकर्स ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। लेकिन SC ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया और मेकर्स को फिर से HC जाने को कहा। HC ने कहा कि पहले दिया गया आदेश रद्द करना होगा और मामले की नए सिरे से सुनवाई होगी।
इसी दौरान मेकर्स ने सेंसर बोर्ड (CBFC) के खिलाफ दायर की गई याचिका को वापस लेने का फैसला किया। साथ ही कहा कि वो फिल्म को फिर से रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजेंगे। फिलहाल फिल्म रिवाइजिंग कमेटी के पास है और रिलीज पर फैसला आना बाकी है।
फिल्म ‘जन नायकन’ को एच. विनोद ने डायरेक्ट किया है। वहीं, इसे KVN प्रोडक्शन के बैनर तले बनाया गया है। सैकनिल्क के मुताबिक, इसका बजट 300 करोड़ है। विजय ने अनाउंस किया था कि यह उनके करियर की आखिरी फिल्म है। इसके बाद वो एक्टिंग छोड़कर सिर्फ पॉलिटिक्स पर फोकस करेंगे।

4. फिल्म कैसे लीक हुई
जन नायकन के लीक होने का मामला भी हाल ही में सामने आया था। 9 अप्रैल को यह लीक हो गई थी। इसके कुछ हिस्से सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इसमें टाइटल क्रेडिट, इंट्रोडक्शन सीन और क्लाइमैक्स शामिल था। मेकर्स ने लीगल एक्शन लेते हुए इन क्लिप्स को सभी प्लेटफार्म से हटवाया था। लेकिन इसके बाद पूरी फिल्म का HD वर्जन पायरेटेड साइट्स पर लीक हो गया। इस पर भी मेकर्स ने लीगल एक्शन लिया था।
तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक लोकल केबल चैनल रासी प्राइम मूवी पर फिल्म को गैरकानूनी तरीके से दिखाने का भी मामला सामने आया था।
इस केस में अब तक 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, 300 से ज्यादा पायरेटेड लिंक हटाए जा चुके हैं।

5. करूर भगदड़
27 सितंबर 2025 को विजय ने करूर में रैली रखी थी। इसमें भगदड़ मच गई थी। हादसे में करीब 40 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। उस भगदड़ के बाद यह विजय का पहला बड़ा पब्लिक इवेंट था।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर चिंता जाहिर की थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा था- करूर से आ रही खबर चिंताजनक है। मैंने पूर्व मंत्री वी सेंथिलबालाजी और मंत्री मा सुब्रमण्यम और जिला कलेक्टर को फोन करके घायल लोगों को तुरंत इलाज कराने को कहा है।
स भगदड़ में एक नौ साल की बच्ची के लापता होने की खबर भी सामने आई थी। विजय ने सार्वजनिक अपील कर पुलिस से मदद मांगी और अपने कार्यकर्ताओं से बच्ची को ढूंढने में मदद करने को कहा था।
इस भगदड़ के बाद इस रैली से पहले पुडुचेरी पुलिस ने एडवाइजरी जारी की थी। लॉ एंड ऑर्डर के सीनियर एसपी आर. कलैवनन ने बताया कि TVK की मांग पर इस स्थल में केवल 5000 लोगों को ही एंट्री की अनुमति दी गई है।

