गजनी के एक्टर प्रदीप रावत का निधन: ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे; महाभारत में अश्वत्थामा के किरदार से पहचान मिली थी
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एंटरटेनमेंट डेस्क. एक्टर प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में निधन हो गया है। वह लंबे समय से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनका इलाज मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में चल रहा था। हालांकि बाद में उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया था, जहां उन्होंने आखिरी सांस ली। बता दें कि प्रदीप रावत ने 'लगान', 'सरफरोश' और 'गजनी' जैसी कई फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास पहचान बनाई थी।
मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ था जन्म
प्रदीप रावत का जन्म मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदी सिनेमा से की थी। हालांकि उन्हें सबसे पहले बीआर चोपड़ा के धारावाहिक 'महाभारत' में अश्वत्थामा के किरदार से पहचान मिली थी। प्रदीप रावत ने साल 1985 में फिल्म 'मेरी जंग' से हिंदी फिल्मों में डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में काम किया। फिर तेलुगु और तमिल सिनेमा में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई।

साई से रखा था तेलुगु सिनेमा में कदम
राजामौली की फिल्म 'साई (Sye)' से उन्होंने तेलुगु सिनेमा में कदम रखा। इस फिल्म में उनके दमदार अभिनय के लिए उन्हें फिल्म फेयर अवार्ड फॉर बेस्ट विलन (तेलुगु) से सम्मानित किया गया।
प्रदीप रावत ने इन फिल्मों में किया है काम
प्रदीप रावत ने अपने लंबे करियर में 'सरफरोश' (1999), 'लगान: वंस अपॉन ए टाइम इन इंडिया' (2001), 'द हीरो: लव स्टोरी ऑफ ए स्पाई' (2003), 'गजनी' (2008), 'ग्रैंड मस्ती' (2013), 'सिंह इज ब्लिंग' (2015) और 'छावा' (2025) समेत कई यादगार फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में 'सरफरोश' में सुल्तान और 'लगान' में देवा सिंह सोढ़ी का उनका किरदार आज भी सबसे यादगार भूमिकाओं में गिना जाता है। वहीं 'गजनी' में उन्होंने खलनायक की भूमिका निभाई और खास बात यह रही कि वह इस फिल्म के तमिल एडिशन और उसके हिंदी रीमेक, दोनों का हिस्सा रहे।

