क्या रणवीर को अब काम नहीं मिलेगा : नॉन-कोऑपरेशन और बैन में अंतर क्या; FWICE के विरोध के बाद दिलजीत दोसांझ कैसे फिल्मों में दिखते रहे
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एंटरटेनमेंट डेस्क. फिल्म डॉन 3 विवाद के चलते फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन ऑर्डर जारी किया है। नॉन-कोऑपरेशन का मतलब यह है कि फेडरेशन के 30 अलग-अलग क्राफ्ट्स से जुड़े मेंबर्स एक्टर के साथ काम नहीं करेंगे। मतलब कि सिर्फ FWICE ने रणवीर को बैन किया है। बाकी यूनियन, ऑर्गनाइजेशन और फ्रीलांस वाले एक्टर्स के साथ काम कर सकते हैं।
गौरतलब है कि फिल्म इंडस्ट्री सिर्फ स्टार्स से नहीं चलती। एक फिल्म के पीछे सैकड़ों टेक्नीशियन, जूनियर आर्टिस्ट, मेकअप आर्टिस्ट, डांसर्स, लाइटमैन, एडिटर्स और स्पॉट बॉय काम करते हैं। इन सभी के अलग-अलग यूनियन और संगठन होते हैं। इन्हीं में सबसे बड़ा नाम FWICE का है।
नॉन-कोऑपरेशन ऑर्डर को डिटेल में समझें
यह किसी सरकारी बैन की तरह कानूनी कार्रवाई नहीं होता। बल्कि यह एक ट्रेड यूनियन का कलेक्टिव फैसला होता है। मतलब कि यूनियन अपने मेंबर्स को निर्देश देता है कि वे किसी खास एक्टर, प्रोडक्शन हाउस या फिल्म के साथ काम न करें।
इसका सीधा असर शूटिंग पर पड़ सकता है। अगर मेकअप आर्टिस्ट, लाइट स्टाफ, डांसर्स, कैमरा असिस्टेंट या जूनियर आर्टिस्ट काम करने से मना कर दें, तो बड़े बजट की फिल्मों की शूटिंग रोकनी पड़ सकती है। शूटिंग डेट्स आगे बढ़ानी पड़ सकती है। प्रोड्यूसर्स को करोड़ों का नुकसान भी उठाना पड़ता है।
हालांकि, हर प्रोजेक्ट पर इसका अलग-अलग असर पड़ता है। कई प्रोडक्शन हाउस दूसरे यूनियन और फ्रीलांस स्टाफ की मदद से अपना प्रोजेक्ट पूरा कर लेते हैं। यही वजह है कि नॉन-कोऑपरेशन ऑर्डर जारी होने के बाद भी एक्टर्स फिल्मों में दिखते हैं।
जैसे कि कुछ समय पहले FWICE ने दिलजीत दोसांझ का भी विरोध किया था, जब उन्होंने पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर के साथ काम किया था। लेकिन इसके बावजूद दिलजीत बॉर्डर 2 में देखे गए थे। फिलहाल, वो अपकमिंग फिल्म मैं वापस आऊंगा की तैयारियों में बिजी हैं।

रणवीर और फरहान में विवाद क्यों
डॉन 3 विवाद दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था, जब रणवीर ने लगभग दो साल तक फिल्म से जुड़े रहने के बाद अचानक इसे छोड़ दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वो कहानी में हुए बदलावों से खुश नहीं थे। उसी समय उनकी फिल्म धुरंधर भी रिलीज हुई थी, जो बड़ी हिट साबित हुई। कहा गया कि फिल्म की सफलता को देखते हुए उन्होंने फरहान की मूवी से किनारा कर लिया है। हालांकि, बाद में उनके सूत्रों ने इन दावों को नकार दिया।
दूसरी ओर फरहान अख्तर और उनके पार्टनर रितेश सिधवानी का कहना था कि रणवीर की सहमति के आधार पर डॉन 3 की प्री-प्रोडक्शन पर काफी पैसा खर्च किया जा चुका था। प्रोड्यूसर्स ने यह भी आरोप लगाया कि एक्टर लगातार डेट्स और शेड्यूल को लेकर देरी कर रहे थे। फिर फिल्म से अलग हो गए। इसी वजह से फरहान की प्रोडक्शन कंपनी एक्सल एंटरटेनमेंट ने एक्टर से 40 करोड़ मुआवजे की मांग की थी।

क्या रणवीर को अब काम नहीं मिलेगा
ऐसा नहीं है। ऐसे कई स्टार्स रहे हैं जिनका FWICE या किसी फेडरेशन और यूनियन ने विरोध किया है। इसके बावजूद वो फिल्मों में दिखते रहे हैं। उनका करियर खत्म नहीं हुआ है।
रणवीर पर फिल्मों में काम करने की कानूनी रोक नहीं लगी है। प्रोड्यूसर्स अगर चाहें तो उनके साथ काम जारी रख सकते हैं।
अगर किसी स्टार की मार्केट वैल्यू मजबूत हो और उसके पास बड़े बैनर का सपोर्ट हो, तो नॉन-कोऑपरेशन का असर लिमिटेड रहता है। लेकिन नए स्टार्स को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। फिलहाल, धुरंधर की सफलता से रणवीर पर भी इसका असर कम ही होगा।
बॉलीवुड में यूनियनों की ताकत कितनी
फिल्म इंडस्ट्री में यूनियनों की भूमिका काफी मजबूत मानी जाती है। खासकर मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में टेक्नीशियन और वर्कर्स यूनियन लंबे समय से एक्टिव हैं। बड़े स्टार्स और प्रोडक्शन हाउस भी कई बार इन संगठनों के साथ टकराव से बचने की कोशिश करते हैं।
हालांकि, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, इंटरनेशनल प्रोडक्शन और फ्रीलांस कल्चर बढ़ने के बाद इंडस्ट्री का सिस्टम बदल रहा है। अब पहले जैसी पूरी निर्भरता यूनियनों पर नहीं रही है।
इन स्टार्स को भी FWICE का विरोध झेलना पड़ा
मीका सिंह
साल 2019 में सिंगर मीका सिंह ने कराची में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के एक कार्यक्रम में परफॉर्म किया था। उस वक्त भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी ज्यादा था। मीका सिंह पर 'एंटी-नेशनल' होने का आरोप भी लगा था। इसी वजह से FWICE ने उन पर बैन लगा दिया। हालांकि, मीका सिंह ने जब माफी मांगी तो बैन हटा दिया गया।

चंकी पांडे
FWICE ने 1987 के आसपास चंकी पांडे के खिलाफ कार्रवाई की थी। दरअसल, उस वक्त फिल्म इंडस्ट्री सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थी। फिल्म इंडस्ट्री स्ट्राइक पर थी। फिल्मों की शूटिंग लगभग बंद हो गई थी।
लेकिन इसी दौरान प्रोड्यूसर पहलाज निहलानी अपनी फिल्म आग ही आग की शूटिंग कर रहे थे। फिल्म में धर्मेंद्र, शत्रुघ्न सिन्हा और चंकी पांडे थे।
चंकी पांडे ने हाल ही में ई-टाइम्स के इंटरव्यू में बताया कि उस समय वे इंडस्ट्री में बिल्कुल नए थे और उनकी पहली फिल्म भी रिलीज नहीं हुई थी। FWICE ने स्ट्राइक तोड़ने के आरोप में उनके खिलाफ कार्रवाई की थी। लेकिन धर्मेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा पर कोई सख्त एक्शन नहीं हुआ क्योंकि उस वक्त वे दोनों बड़े स्टार थे।

