विदेशों में भी ZEE5 से हटी 'सतलुज': जम्मू में गुरुद्वारे में स्क्रीनिंग हुई, सिख समुदाय के लोग देखने पहुंचे; इंटरनेट पर पायरेटेड वर्जन भी अवेलेबल
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फिल्म में दिलजीत दोसांझ के अलावा अर्जुन रामपाल, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान अहम किरदारों में हैं।
एंटरटेनमेंट डेस्क। दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को अब ZEE5 के इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म से भी हटा दिया गया है। यानी अब भारत के साथ-साथ विदेशों में भी यह फिल्म स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध नहीं है। इधर, जम्मू में एक गुरुद्वारे में फिल्म की स्क्रिनिंग रखी गई, जिसे देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इंटरनेट पर भी इस मूवी के पायरेटेड वर्जन अवेलेबल हैं और लोग इन्हें डाउनलोड कर मूवी देख रहे हैं।
करीब चार साल तक सेंसरशिप विवाद में फंसी रहने के बाद फिल्म पिछले शुक्रवार (3 जुलाई) को ZEE5 पर रिलीज हुई थी। भारत सरकार के निर्देश के बाद इसे फौरन हटा लिया गया था। हालांकि बीते एक हफ्ते से यह फिल्म विदेशों में ZEE5 पर अवेलेबल थी। अब जब इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर भी यह मौजूद नहीं है तो माना जा रहा है कि सरकार के दबाव में ZEE5 को यह फैसला लेना पड़ा है।
फिल्म के विदेशों में भी हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर सेंसरशिप को लेकर बहस तेज हो गई है। यूजर्स इस फैसले के पक्ष और विपक्ष में अपनी बात रख रहे हैं। कोई कह रहा है कि यह फैसला देशहित में लिया गया है। जबकि कोई कह रहा है कि अफसोस है कि फिल्म बनाने वालों की मेहनत का उन्हें आर्थिक फायदा नहीं मिल पाएगा।
कई न्यूट्रल कमेंट भी सामने आ रहे हैं। यूजर्स कह रहे हैं कि हर जगह बैन करके फिल्म और ज्यादा लोकप्रिय हो रही है। कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि इस फिल्म पर पूरी तरह से बैन लगाना संभव नहीं है।

क्यों हटाई गई थी फिल्म?
पिछले रविवार (5 जुलाई) रिलीज के 48 घंटे से भी कम समय में ZEE5 ने फिल्म को भारत में हटा दिया था। प्लेटफॉर्म ने अपने बयान में कहा था- वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए 'सतलुज' को अगले आदेश तक भारत में उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। हम कानूनी प्रक्रिया के तहत फिल्म को जल्द से जल्द दोबारा दर्शकों तक पहुंचाने के लिए सभी ऑप्शन पर काम कर रहे हैं।
फिल्म के को-प्रोड्यूसर रोनी स्क्रूवाला की कंपनी RSVP Movies के प्रवक्ता ने पुष्टि की थी कि सरकार ने फिल्म हटाने का निर्देश दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि फिल्म जल्द दोबारा स्ट्रीमिंग पर लौट सकती है।
सरकार ने क्या कहा?
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि फिल्म को 2022 में 'पंजाब 95' नाम से CBFC के पास भेजा गया था। बोर्ड ने इसमें 127 कट लगाने का सुझाव दिया था, लेकिन प्रोड्यूसर इन बदलावों पर सहमत नहीं हुए।
इसके बाद फिल्म का नाम बदलकर 'सतलुज' रखा गया और बिना CBFC से परमिशन लिए बगैर सीधे OTT पर रिलीज कर दिया गया।

अधिकारी के मुताबिक, OTT प्लेटफॉर्म CBFC के दायरे में नहीं आते, लेकिन सरकार ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं के आधार पर ZEE5 को इंटरमीडिएरी गाइडलाइन्स के तहत फिल्म हटाने का निर्देश दिया। उनका कहना था कि अगर निर्माता फिल्म को थिएटर और OTT दोनों पर रिलीज करना चाहते हैं तो उन्हें नियमों का पालन करना होगा।
फिल्म की क्या है कहानी
'सतलुज' पंजाब के 1980 और 1990 के दशक के उग्रवाद विरोधी अभियान के दौरान कथित फर्जी एनकाउंटर, अवैध गिरफ्तारी और लापता लोगों के मामलों पर बनी है।
फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष को दिखाती है। खालड़ा ने इन मामलों का खुलासा किया था। इसके बाद वे खुद रहस्यमय तरीसे से लापता हो गए थे।

