रायपुर में शिक्षा मंत्री के बंगले में घुसे D.Ed. अभ्यर्थी: पुलिस ने बलपूर्वक हटाया, नियुक्ति की मांग को लेकर 321 दिनों से आंदोलन जारी; सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
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रायपुर में 321 दिनों से आंदोलनरत डीएड अभ्यर्थी अचानक पहुंच गए शिक्षा मंत्री के।
रायपुर। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अपनी मांगें मनवाने के लिए लंबे समय से आंदोलन कर रहे डीएड (D.Ed.) अभ्यर्थी आज अचानक शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बंगले तक पहुंच गए। प्रदर्शनकारी एक-एक कर सुनियोजित तरीके से बंगले के अंदर दाखिल हुए और वहीं धरने पर बैठ गए। 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थी पिछले 321 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। बंगले में प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
नियुक्ति की निश्चित तारीख घोषित करने की मांग
आंदोलनकारियों का आरोप है कि, कोर्ट के आदेश के बावजूद विभाग और सरकार की ओर से उनकी नियुक्ति की तारीख घोषित नहीं की जा रही है। इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में डीएड अभ्यर्थी अपने परिवार के सदस्यों के साथ शिक्षा मंत्री के बंगले पहुंचे और अंदर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। स्थिति की जानकारी मिलने पर भारी संख्या में पुलिस बल भी बंगले पहुंच गया।
समझाइश के बाद भी नहीं माने प्रदर्शनकारी
शिक्षा मंत्री के बंगले के अंदर अभ्यर्थी और उनके परिजन धरने पर बैठे रहे। सूचना मिलने पर एसडीएम और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, वे अपनी मांग पर अड़े रहे और लगातार शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से मुलाकात कराने की मांग करते रहे। बताया गया कि प्रदर्शन के दौरान मंत्री बंगले में मौजूद नहीं थे। पुलिस लगातार अभ्यर्थियों को समझाने का प्रयास करती रही, लेकिन प्रदर्शनकारी वहां से हटने को तैयार नहीं हुए।
पुलिस ने बलपूर्वक बंगले से हटाया
काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को शिक्षा मंत्री के बंगले से हटाया। इसके बाद उन्हें बसों में बैठाकर तूता धरनास्थल ले जाया गया। डीएड अभ्यर्थी 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
पहली बार बंगले के अंदर पहुंचकर किया प्रदर्शन
इससे पहले भी आंदोलनकारियों द्वारा मंत्रियों और अधिकारियों के बंगलों का घेराव किया जा चुका है, लेकिन इस बार प्रदर्शनकारी बंगले के अंदर पहुंचकर धरने पर बैठ गए। इस घटनाक्रम के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों के बंगले तक पहुंचने और अंदर दाखिल होने की जानकारी पहले से सुरक्षा एजेंसियों को क्यों नहीं मिल पाई। साथ ही एलआईबी को इस प्रदर्शन की सूचना क्यों नहीं मिली, इसे लेकर भी चर्चा हो रही है।
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