रायपुर में कंपनी मालिकों की फर्जी व्हाट्सएप ID बनाकर : 2.93 करोड़ ऐंठने वाला अंतर्राज्यीय गिरोह बेनकाब, महाराष्ट्र और यूपी से 5 गिरफ्तार
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रायपुर में WhatsApp पर फर्जी मालिक बनकर 2.93 करोड़ की ठगी, अंतरराज्यीय गिरोह के 5 आरोपी गिरफ्तार।
रायपुर। राजधानी में व्हाट्सएप पर कंपनियों के मालिक और अधिकृत अधिकारियों की फर्जी पहचान बनाकर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का रायपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपी कंपनी के मालिकों और अधिकारियों की फोटो लगाकर अकाउंटेंट को व्हाट्सएप मैसेज भेजते थे और तत्काल रकम ट्रांसफर करने के निर्देश देते थे। इस तरह आरोपियों ने रायपुर की दो कंपनियों से कुल 2 करोड़ 93 लाख रुपए की ठगी की।
यूपी और महाराष्ट्र से 5 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम में से 1 करोड़ 38 लाख रुपए विभिन्न बैंक खातों में होल्ड कराए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त क्राइम एवं साइबर स्मृतिक राजनाला, पुलिस उपायुक्त पश्चिम जोन रॉबिन्सन गुरिया और पुलिस उपायुक्त उत्तर जोन तारकेश्वर पटेल की मॉनिटरिंग में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, थाना टिकरापारा और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
दो कंपनियों से 2.93 करोड़ रुपए की ठगी
गिरोह ने रायपुर की दो कंपनियों को निशाना बनाया। आरोपियों ने कंपनियों के मालिक और अधिकृत व्यक्तियों की पहचान का दुरुपयोग करते हुए उनके नाम और फोटो से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट तैयार किए। इसके बाद कंपनी के अकाउंटेंट को मैसेज भेजकर बड़ी रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। अधिकारियों के आदेश के भ्रम में अकाउंटेंट ने बैंक खातों में करोड़ों रुपए ट्रांसफर कर दिए।
पहली वारदात : राठी बंधुस कंपनी से 93 लाख रुपए पार
पहला मामला थाना टिकरापारा क्षेत्र का है। प्रार्थी विजय राठी निवासी कमल विहार, रायपुर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि वह राठी बंधुस कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। 19 अक्टूबर से 21 अक्टूबर के बीच अज्ञात व्यक्ति ने उनके नाम और फोटो का दुरुपयोग कर कंपनी के अकाउंटेंट को व्हाट्सएप संदेश भेजा। संदेश में रकम ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया था। अकाउंटेंट ने इसे कंपनी के निदेशक का आदेश समझकर 93 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। ठगी का पता चलने पर मामले की शिकायत थाना टिकरापारा में दर्ज कराई गई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 984/26 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
दूसरी वारदात : ट्रांसफॉर्मर एंड ट्रांसमिशन लिमिटेड से 2 करोड़ की ठगी
दूसरा मामला थाना तेलीबांधा क्षेत्र का है। प्रार्थी ओमकार वरु ट्रांसफॉर्मर एंड ट्रांसमिशन लिमिटेड कंपनी में मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) हैं। शिकायत के अनुसार, अज्ञात आरोपी ने कंपनी के अधिकृत व्यक्ति अंशुल शर्मा के नाम से फर्जी व्हाट्सएप पहचान बनाई। इसके जरिए कंपनी के अकाउंटेंट को 2 करोड़ रुपए ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया। अकाउंटेंट ने बैंक ऑफ बड़ौदा की पंडरी शाखा से 2 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए।
इस मामले में थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 458/26 दर्ज किया गया। दोनों घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस को ठगी का तरीका एक जैसा मिला। इसके बाद आरोपियों के मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का तकनीकी विश्लेषण कर गिरोह के सदस्यों की पहचान की गई।
महाराष्ट्र और प्रयागराज से पांच आरोपी गिरफ्तार
तकनीकी जांच और लोकेशन के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग टीमें महाराष्ट्र के उल्हासनगर और उत्तर प्रदेश के प्रयागराज भेजीं। वहीं टिकरापारा थाना में दर्ज मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र के ठाणे जिले के उल्हासनगर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश कन्हैया लाल चुथ, साहिल रमेश नथानी, राज चन्दर लाल जुमानी के रूप में हुई है। तीनों आरोपी उल्हासनगर, जिला ठाणे, महाराष्ट्र के निवासी हैं। इनके कब्जे से 25 हजार रुपए नगद, 6 मोबाइल फोन, 3 एटीएम कार्ड और 3 पासबुक जब्त की गई हैं।
तेलीबांधा मामले में प्रयागराज से दो गिरफ्तार
थाना तेलीबांधा के प्रकरण में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान विनय श्रीवास्तव और विनोद कुमार के रूप में हुई है। दोनों प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। इनके पास से 2 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
टिकरापारा के तीन आरोपी 2 करोड़ की ठगी में भी शामिल
जांच में एक महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है। थाना टिकरापारा के मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपी थाना तेलीबांधा क्षेत्र में हुई 2 करोड़ रुपए की ठगी में भी शामिल थे। यानी दोनों कंपनियों को निशाना बनाने में गिरोह के सदस्यों की आपसी भूमिका सामने आई है। पुलिस ने बैंक खातों की जांच और त्वरित कार्रवाई के जरिए थाना टिकरापारा के प्रकरण में 24 लाख रुपए तथा थाना तेलीबांधा के प्रकरण में 1 करोड़ 14 लाख रुपए होल्ड कराए हैं। इस तरह कुल 1 करोड़ 38 लाख रुपए की राशि विभिन्न बैंक खातों में होल्ड कराई गई है।
मोबाइल और बैंक खातों की जांच जारी
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जब्त मोबाइल फोन की तकनीकी जांच के जरिए गिरोह के नेटवर्क, ठगी की रकम के लेनदेन और अन्य संभावित आरोपियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
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