कांकेर में बारिश के बीच जलसंकट : नदी सूखी तो 21 वार्डों की पानी सप्लाई ठप, रिटर्निंग वॉल टूटने से खड़ी हुई समस्या, पेयजल के लिए तरसे लोग
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फिल्टर प्लांट की रिटर्निंग टूटने से पेयजल सप्लाई ठप, प्लांट सूखा, जिम्मेदार बने बेखबर, शहरवासी दो दिनों से प्यासे।
कांकेर। बारिश के मौसम में भी कांकेर शहर के लोगों के सामने पेयजल संकट खड़ा हो गया है। जिस नदी के पानी को फिल्टर कर शहर के 21 वार्डों में सप्लाई किया जाता है, वहां पानी का स्तर बेहद कम होने के कारण जलापूर्ति प्रभावित हो गई है। बताया जा रहा है कि तेज बारिश और नदी के बहाव के चलते रिटर्निंग वॉल टूट गई, जिसके बाद नदी की दिशा बदल गई और एनीकट में पानी का ठहराव नहीं हो पा रहा है। हालात यह हैं कि शहर के कई हिस्सों में पिछले दो दिनों से पानी की सप्लाई प्रभावित है। नगर पालिका की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
स्टॉप डेम में नहीं बचा पानी, शहर की सप्लाई पर पड़ा असर
कांकेर शहर को पानी उपलब्ध कराने के लिए ग्राम दसपुर-बागोड़ के बीच महानदी पर एनीकट का निर्माण किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के साथ जलस्रोत को संरक्षित करना भी है। इसी क्षेत्र में शहर की पेयजल आपूर्ति के लिए सम्पवेल बनाया गया है। सम्पवेल में एकत्र पानी को फिल्टर करने के बाद कांकेर शहर के 21 वार्डों में सप्लाई किया जाता है। लेकिन हाल में हुई तेज बारिश के बाद नदी का बहाव इतना बढ़ गया कि किनारे पर बनी रिटर्निंग वॉल टूट गई। इसके बाद नदी ने अपनी दिशा बदल ली।
नदी की दिशा बदली, खेतों में घुसा पानी
रिटर्निंग वॉल टूटने के बाद नदी का पानी दूसरी दिशा में बहने लगा। इससे ग्रामीणों की कई एकड़ जमीन कटाव की चपेट में आ गई। खेतों में पानी भरने से किसानों की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं दूसरी ओर नदी का मुख्य प्रवाह एनीकट और इंटेकवॉल की तरफ पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच रहा है। इसके कारण एनीकट में पानी जमा नहीं हो पा रहा और नदी का बड़ा हिस्सा अब सूखा नजर आ रहा है।
दो दिन से पानी का इंतजार कर रहे शहरवासी
जलापूर्ति प्रभावित होने से शहरवासियों की परेशानी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि दो दिनों से पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण घरों में रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। बाल्टी और बर्तन खाली पड़े हैं और लोग पानी की व्यवस्था के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। पेयजल संकट का असर घरेलू कामकाज के साथ दुकानों और अन्य गतिविधियों पर भी पड़ रहा है।
चैनमाउंटेन मशीन से नदी की दिशा बदलने का प्रयास
जल संकट को देखते हुए नगर पालिका ने समस्या के तत्काल समाधान के लिए नदी में चैनमाउंटेन मशीन उतारी है। मशीन की मदद से नदी के बहाव की दिशा को अस्थायी रूप से बदलने का काम किया जा रहा है, ताकि पानी को दोबारा एनीकट की ओर लाकर स्टोर किया जा सके। नगर पालिका का प्रयास है कि जल्द से जल्द पानी का स्टोरेज शुरू हो और शहर की नियमित जलापूर्ति बहाल की जा सके।
कुछ इलाकों में बोर और दूसरे स्रोतों से पानी की व्यवस्था
नगर पालिका की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था भी की जा रही है। कुछ हिस्सों में बोर और अन्य जलस्रोतों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि लोगों की परेशानी कुछ कम हो सके। नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक ने बताया कि रिटर्निंग वॉल टूटने के कारण नदी का पानी इंटेकवॉल की तरफ आने के बजाय दूसरी दिशा में बह रहा है। डैम में पानी नहीं रुकने की वजह से शहर की जलापूर्ति प्रभावित हुई है।
अध्यक्ष बोले- जल्द बहाल होगी पानी की सप्लाई
नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक के मुताबिक नदी के बहाव को व्यवस्थित करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ क्षेत्रों में वैकल्पिक माध्यमों से पानी की सप्लाई दी जा रही है। उनका कहना है कि नदी में चल रहा काम आज शाम या रात तक पूरा करने का प्रयास है। इसके बाद पानी स्टोर होने की स्थिति बनने पर कल तक शहर में पानी की सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद है। फिलहाल कांकेर के लोगों की नजर नगर पालिका की इस कवायद पर टिकी है। बारिश के बावजूद सामने आए इस पेयजल संकट ने शहर की जलापूर्ति व्यवस्था और जलस्रोतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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हिमांशु यादव, शहरवासी
अरुण कौशिक, अध्यक्ष, नगर पालिका
सूर्या नेताम, सरपंच, ग्राम दसपुर

