कांकेर में भालू के हमले से ग्रामीण घायल: चावंड में स्कूल के पीछे झाड़ियों में छिपा दिखा; एहतियातन बच्चों की छुट्टी
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AI जनरेटेड फोटो।
कांकेर। जिले में भालुओं की दहशत थमने का नाम नहीं ले रही है। आए दिन भालुओं के रिहायशी इलाकों में पहुंचने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ताजा मामला ग्राम चावंड का है, जहां बुधवार सुबह एक भालू ने ग्रामीण पर हमला कर उसे घायल कर दिया। हमले के बाद घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
गांव में भालू को देख डर के साए में लोग
ग्रामीण पर हमला करने के बाद भालू गांव में ही घूमता हुआ स्कूल परिसर के पीछे पहुंच गया। स्कूल के आसपास भालू की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों, शिक्षकों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए ग्रामीणों ने शिक्षकों से चर्चा की और किसी अनहोनी की आशंका के चलते स्कूल में छुट्टी कर दी गई।
स्कूल के पीछे झाड़ियों में छिपा भालू
बताया जा रहा है कि भालू अभी भी स्कूल के पीछे स्थित झाड़ियों में मौजूद है। भालू के छिपे होने की सूचना फैलते ही पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। लोग एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। स्कूल के नजदीक भालू की मौजूदगी के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता बनी हुई है। अभिभावकों का कहना है कि भालू को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर भेजे जाने तक बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर भी डर बना रहेगा।
वन विभाग ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और गांव में मोर्चा संभाल लिया। वन अमला भालू की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है। टीम भालू की स्थिति और उसके मूवमेंट की निगरानी करते हुए उसे सुरक्षित तरीके से क्षेत्र से बाहर निकालने की कोशिश में जुटी हुई है।
गांव में कराई गई मुनादी, लोगों को किया सतर्क
ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए वन विभाग की ओर से गांव में मुनादी भी कराई गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे अकेले जंगल, झाड़ियों और सुनसान इलाकों की ओर न जाएं। साथ ही भालू दिखाई देने पर उसके नजदीक जाने या उसे छेड़ने का प्रयास न करें। वन विभाग ने ग्रामीणों को विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को अकेले बाहर नहीं भेजने की सलाह दी है।
लगातार सामने आ रही भालुओं की मौजूदगी
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार भालुओं की मौजूदगी और रिहायशी इलाकों में उनके पहुंचने की घटनाओं से लोगों में डर बढ़ता जा रहा है। बुधवार की घटना में पहले ग्रामीण पर हमला और फिर स्कूल के पीछे भालू के पहुंचने से गांव में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। फिलहाल वन विभाग की टीम मौके पर तैनात है और भालू की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। भालू को सुरक्षित तरीके से क्षेत्र से बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं।
रघुनाथ कुंजाम, घायल ग्रामीण का दोस्त
खम्मन सिंह कांगे, सरपंच

