गरियाबंद में 30 करोड़ के लंबित भुगतान पर हाथ में कटोरा लेकर प्रदर्शन: मनरेगा मजदूरी-16वें वित्त आयोग राशि की मांग, चक्काजाम की चेतावनी, छात्रावास अधीक्षक संघ ने भी दिया अल्टीमेटम
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गरियाबंद में राज्योत्सव के दिन सरपंच मांगेंगे भीख
गरियाबंद। जिले में 2 नवंबर को प्रशासन राज्योत्सव मनाने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पंचायतों के चुने हुए जनप्रतिनिधि हाथों में कटोरा लेकर प्रदर्शन करेंगे। करीब 30 करोड़ रुपये के लंबित भुगतान से नाराज सरपंच, उपसरपंच और पंचों ने अनोखे आंदोलन का ऐलान किया है। जिला सरपंच संघ के नेतृत्व में पंचायत प्रतिनिधि रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचेंगे और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे। इतना ही नहीं, छात्रावास अधीक्षक संघ ने भी लंबित मांगों के निराकरण के लिए 12 नवंबर को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर जाने का अल्टीमेटम दिया है।
30 करोड़ के भुगतान के लिए कटोरा लेकर प्रदर्शन करेंगे सरपंच
जिला सरपंच संघ गरियाबंद एवं समस्त उपसरपंच-पंचों ने आंदोलन की सूचना 21 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक को लिखित रूप में दी थी। संघ के अध्यक्ष हरीश साहू की ओर से जारी पत्र के अनुसार, 2 नवंबर को सुबह 11 बजे कुमार भवन, सिविल लाइन गरियाबंद से प्रदर्शन शुरू होगा।
जिलेभर के पंचायत प्रतिनिधि यहां एकत्रित होंगे। इसके बाद हाथों में कटोरा लेकर रैली के रूप में बस स्टैंड होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचेंगे। यहां अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
आठ महीने से अटकी मनरेगा की मजदूरी और सामग्री की राशि
सरपंच संघ का आरोप है कि जिले में मनरेगा के तहत करीब 30 करोड़ रुपये के कार्य कराए जाने के बावजूद मजदूरी और सामग्री का भुगतान लगभग आठ महीने से लंबित है। इसके अलावा मूलभूत और 16वें वित्त आयोग की राशि भी पंचायतों को नहीं मिली है।
संघ के मुताबिक, निर्माण कार्यों का मूल्यांकन और सत्यापन पूरा होने के बाद भी कई कार्यों का भुगतान पांच से छह महीने से अटका हुआ है। वहीं, उपसरपंच और पंचों का मानदेय भी लंबित है। इससे पंचायतों का संचालन और गांवों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
भुगतान नहीं हुआ तो घेराव और चक्काजाम की चेतावनी
पंचायत प्रतिनिधियों ने मनरेगा की मजदूरी और सामग्री की राशि तत्काल जारी करने, मूलभूत एवं 16वें वित्त आयोग की राशि उपलब्ध कराने और उपसरपंच-पंचों का मानदेय देने की मांग की है।
इसके अलावा सत्यापन पूरा हो चुके निर्माण कार्यों का भुगतान और बारिश से फसल क्षति का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग भी शामिल है। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए घेराव और चक्काजाम जैसे कदम उठाए जाएंगे।
सरपंचों के बाद छात्रावास अधीक्षकों ने भी दिया अल्टीमेटम
पंचायत प्रतिनिधियों के आंदोलन के बीच अब छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय छात्रावास अधीक्षक संघ की गरियाबंद जिला इकाई ने भी आंदोलन का ऐलान किया है। संघ ने लंबित सेवा संबंधी मांगों और छात्रावास-आश्रमों के संचालन में आ रही समस्याओं के निराकरण के लिए 12 नवंबर को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
संघ की ओर से 30 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि अधीक्षक लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन सेवा संबंधी मांगों, कार्य के समय, साप्ताहिक अवकाश और जरूरी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का अब तक समाधान नहीं हुआ है।
सीमित संसाधनों में छात्रावास चलाना चुनौतीपूर्ण
छात्रावास अधीक्षकों का कहना है कि पर्याप्त संसाधनों और जरूरी सुविधाओं की कमी के बीच छात्रावासों का संचालन करना मुश्किल हो रहा है। विद्यार्थियों की देखरेख सहित कई जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
30 अक्टूबर को संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर जिला प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराया था। इस दौरान जिला अध्यक्ष निश्चल खरे, उपाध्यक्ष तनु अविनाश सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
12 नवंबर को हड़ताल, कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन
छात्रावास अधीक्षक संघ ने स्पष्ट किया है कि 12 नवंबर को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल कर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों पर केवल औपचारिक कार्रवाई हुई और समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आगे नियमित और प्रभावी आंदोलन किया जाएगा।
नवंबर में प्रशासन के सामने दो बड़े आंदोलन की चुनौती
गरियाबंद में नवंबर का पहला पखवाड़ा प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण रहने के संकेत हैं। 2 नवंबर को पंचायतों के लंबित भुगतान को लेकर सरपंच, उपसरपंच और पंच कटोरा लेकर प्रदर्शन करेंगे। वहीं 12 नवंबर को छात्रावास अधीक्षक अपनी मांगों के समर्थन में सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे।
अब देखना होगा कि प्रशासन दोनों संगठनों की मांगों पर क्या कदम उठाता है और क्या आंदोलन की स्थिति बनने से पहले लंबित समस्याओं का समाधान हो पाता है।
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