गरियाबंद में बाढ़ से 70 किसानों की फसल बर्बाद: पुराने पुल पर जमा मलबे से बदला तेल नदी का बहाव, अन्नदाताओं ने प्रशासन से मांगा मुआवजा
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देवभोग में तेल नदी की बाढ़ से किसानों की फसल बर्बाद।
गरियाबंद। जिले के देवभोग क्षेत्र में तेल नदी में आई बाढ़ से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। नदी किनारे स्थित खेतों में पानी भरने और नदी का बहाव बदलने से फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों का आरोप है कि पुराने पुल पर जमा मलबे और प्रशासनिक लापरवाही के कारण उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा है।
पुराने पुल पर जमा मलबे से बढ़ी परेशानी
जानकारी के अनुसार, कुम्हड़ईखुर्द में तेल नदी के पुराने पुल पर बाढ़ के साथ बड़ी मात्रा में कचरा और डस्ट जमा हो गई। किसानों का कहना है कि मलबे के कारण नदी के पानी का बहाव प्रभावित हुआ और पानी खेतों की ओर जाने लगा। इससे नदी किनारे स्थित खेतों में पानी भर गया और फसलों को नुकसान पहुंचा। किसानों का आरोप है कि यदि समय रहते पुल पर जमा मलबे को साफ कर दिया जाता, तो नुकसान को कम किया जा सकता था।
किसानों ने प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप
बाढ़ से प्रभावित किसानों का कहना है कि उन्होंने फसल तैयार करने में काफी मेहनत और पैसा लगाया था, लेकिन बाढ़ के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर गया। किसानों का आरोप है कि पुराने पुल की स्थिति पर पहले ध्यान दिया जाता और मलबे को हटाने के लिए समय रहते कदम उठाए जाते, तो खेतों को नुकसान से बचाने में मदद मिल सकती थी। उन्होंने प्रशासन से मामले पर ध्यान देने और उचित राहत देने की मांग की है।
करीब 70 किसानों की फसल प्रभावित
तेल नदी के किनारे स्थित क्षेत्र में करीब 70 किसानों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। नदी का पानी खेतों तक पहुंचने से फसलों को नुकसान हुआ है। अब प्रभावित किसान सरकार और प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। किसानों को उम्मीद है कि जल्द ही फसल नुकसान का सर्वे किया जाएगा, ताकि उन्हें हुए नुकसान की भरपाई के लिए सहायता मिल सके।
तहसीलदार ने दिया मुआवजे का भरोसा
देवभोग के तहसीलदार सुशील भोई ने कहा है कि प्रभावित किसानों की फसलों को हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। इसके बाद मुआवजे के लिए जल्द फाइल तैयार की जाएगी। उन्होंने किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया है। नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
किसानों को सर्वे और मुआवजे का इंतजार
तेल नदी में आई बाढ़ के बाद किसानों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। फसल खराब होने से उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब किसानों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। वे चाहते हैं कि नुकसान का सर्वे जल्द पूरा हो और उन्हें नियमानुसार मुआवजा मिले। हालांकि, मुआवजे की राशि और भुगतान की तारीख को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
मनमोहन नेताम , रिपोर्टर
शुशील भोई ,तहसीलदार देवभोग

