पेंशनर्स घर बैठे लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं: बैंक ब्रांच जाने की जरूरत खत्म, 30 नवंबर तक है आखिरी तारीख; जानें पूरी प्रोसेस
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पेंशनर्स बैंक ब्रांच में जाए बिना, आधार-बेस्ड फेस ऑथेंटिकेशन से लाइफ सर्टिफिकेट इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा कर सकते हैं। (AI इमेज)
बिजनेस डेस्क। पेंशनर्स को अब बैंक या पेंशन ऑफिस जाकर ये बताने की जरूरत नहीं होगी की वे जीवित हैं। वे सरकार की जीवन प्रमाण सुविधा का इस्तेमाल करके अपने स्मार्टफोन से घर बैठे ही डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) बना सकते हैं। इस सुविधा के जरिए पेंशनर्स बैंक ब्रांच में जाए बिना, आधार-बेस्ड फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करके अपना ईयरली लाइफ सर्टिफिकेट इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा कर सकते हैं। इसी ईयरली लाइफ सर्टिफिकेट की वजह से पेंशन का पेमेंट बिना किसी रुकावट के जारी रहता है।
2026 के लिए तारीख और डेडलाइन
80 साल या उससे ज्यादा उम्र के पेंशनर्स 1 अक्टूबर से 30 नवंबर, 2026 के बीच अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं। वहीं, 80 साल से कम उम्र के पेंशनर्स इसे 1 नवंबर से 30 नवंबर के बीच जमा कर सकते हैं। क्योंकि ज्यादातर पेंशनर्स के लिए नवंबर की डेडलाइन शुरू होने वाली है, इसलिए जिन लोगों ने अभी तक अपना प्रमाण पत्र जमा नहीं किया है, उन्हें इसे जल्द से जल्द जमा करने का प्लान बनाना चाहिए।

पेंशनर्स को क्या जानना जरूरी
फेस ऑथेंटिकेशन के लिए पेंशनर्स के पास इंटरनेट और एक अच्छे फ्रंट कैमरे वाला एंड्रॉइड स्मार्टफोन होना चाहिए। उन्हें दो ऐप्स- आधार फेस आरडी (AadhaarFaceRD) और जीवन प्रमाण फेस ऐप (Jeevan Pramaan Face App) डाउनलोड करने होंगे। हालांकि रिपोर्ट्स में केवल एंड्रॉइड फोन के लिए ही प्रोसेस बताई गई है। इसलिए आईफोन यूजर्स को अपने ऑप्शन के बारे में जानने के लिए जीवन प्रमाण की आधिकारिक वेबसाइट देखनी चाहिए।
यह प्रोसेस आधार से भी जुड़ी हुई है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुताबिक, जीवन प्रमाण पत्र जमा करना एक आधार-बेस्ड प्रोसेस है। क्योंकि यह डिजिटल ऑथेंटिकेशन में मदद करती है। यह तभी काम करती है जब पेंशनर्स का खाता उनके आधार नंबर से जुड़ा (लिंक) हो।
प्रोसेस शुरू करने से पहले पेंशनर्स को ये देख लेना चाहिए कि उनका आधार पेंशन अकाउंट से जुड़ा है या नहीं। आधार से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर चालू है या नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि ये प्रोसेस OTP की जरूरत होती है।
कैसे करेंगे प्रोसेस, यहां स्टेप्स जानें
- डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तभी मान्य होगा जब पेंशन अकाउंट आधार नंबर से जुड़ा होगा। साथ ही OTP के लिए आधार-रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर चालू होना चाहिए।
- इंटरनेट कनेक्शन और एक अच्छे फ्रंट कैमरे वाले एंड्रॉइड स्मार्टफोन की जरूरत होगी।
- फोन में AadhaarFaceRD और Jeevan Pramaan Face App इंस्टॉल करना होगा।
- जीवण प्रमाण ऐप खोलें और रजिस्ट्रेशन करें। अपना आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें, फिर OTP के जरिए इसे वेरीफाई करें।
- इसमें पेंशनर्स टाइप, PPO नंबर, बैंक और डिस्बर्सिंग एजेंसी जैसी जानकारियां शामिल हैं।
- फेस ऑथेंटिकेशन के लिए फोन के फ्रंट कैमरे से अपना चेहरा स्कैन करें और स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करें।
- प्रोसेस पूरी होने पर एक यूनिक प्रमाण ID जेनरेट होगी। आपको एक ट्रांजैक्शन ID के साथ SMS भी मिलेगा।
- अपने रिकॉर्ड के लिए कंप्यूटर द्वारा जनरेट किया गया प्रमाण पत्र डाउनलोड करने के लिए jeevanpramaan.gov.in पर ट्रांजैक्शन ID का इस्तेमाल करें।
- फेस स्कैन होने का मतलब यह नहीं है कि पेंशन अथॉरिटी ने प्रमाण पत्र एक्सेप्ट कर ही लिया है। इसलिए 30 नवंबर से पहले अपने बैंक या डिस्बर्सिंग एजेंसी से इसे कन्फर्म जरूर कर लें।

फोन के अलावा अन्य क्या ऑप्शन
हर कोई ऐप्स का इस्तेमाल करने में कंफर्टेबल नहीं होता। SBI का कहना है कि अगर पेंशनर्स चाहें तो वे फिजिकल लाइफ सर्टिफिकेट का ऑप्शन चुन सकते हैं। इसे स्वीकार किया जाएगा। अन्य तरीकों में फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन करने वाली डिवाइस, उमंग (UMANG) ऐप का इस्तेमाल या फिर बैंक, पोस्ट ऑफिस और कॉमन सर्विस सेंटर से मदद लेने जैसी फैसिलिटी शामिल है। सरकार ने पेंशन बांटने वाले बैंकों और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के जरिए स्पेशल कैंप भी लगाए हैं। जो लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकते, उनके लिए कई तरीके अभी भी उपलब्ध हैं।

