निर्मला सीतारमण ने जारी किया 250 रुपए का सिक्का: इसकी कीमत ₹6,985; सरकारी वेबसाइट से खरीद सकेंगे
Published:
3 min read

इस 250 रुपए के सिक्के को रोजाना के आम लेन-देन में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। (फाइल फोटो)
बिजनेस डेस्क। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कर्नाटक संगीत के उस्ताद मुथुस्वामी दीक्षितार की 250वीं जयंती के मौके पर 250 रुपए का सिक्का जारी किया है। ये एक स्मारक सिक्का है। संगीतकार मुथुस्वामी दीक्षितार को कर्नाटक संगीत की त्रिमूर्ति माना जाता है। यह सिक्का वाराणसी के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी-बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (IIT-BHU) के इवेंट में जारी किया है। इसके साथ ही वित्त् मंत्री ने ‘अमर गुरुगुहम पोत्रुवम’ नाम की बुक का भी अवानरण किया, जिसमें मुथुस्वामी दीक्षितार के जीवन, दर्शन और संगीत के क्षेत्र में उनकेे योगदान के बारे में बताया गया है।

क्या है ये स्मारक सिक्का
स्मारक सिक्के को किसी खास मौके पर किसी महान शख्सियत या स्मारक के तौर पर जारी किया जाता है। इन सिक्कों का इस्तेमाल दूसरे सिक्कों की तरह लेन-देन के लिए नहीं किया जाता है। इस सिक्के को मुथुस्वामी दीक्षितार की 250वीं जयंती के मौके पर जारी किया गया है। इसे India Government Mint की वेबसाइट पर जाकर खरीद सकते हैं। वेबसाइट पर इस सिक्के की कीमत 6,985 रुपए है। इस स्मारक सिक्के को रोजाना के आम लेन-देन में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
भारतीय संगीत विरासत को सम्मान देने की पहल
मुथुस्वामी दीक्षितार की 250वीं जयंती पर जारी किया गया यह सिक्का इंडियन क्लासिकल म्यूजिक के इतिहास में उनके योगदान को याद दिलाएगा। उनकी रचनाओं ने कर्नाटक संगीत की परंपरा को मजबूत किया है और आज भी संगीत प्रेमियों और कलाकारों के बीच उनकी पहतान बनी हुई हैै। इस सिक्के के जरिए उनके संगीत, रचनाओं और भारतीय संस्कृति में योगदान को सम्मान दिया गया है।

कौन थे मुथुस्वामी दीक्षितार?
मुथुस्वामी दीक्षितार भारतीय कर्नाटक संगीत के सबसे महान संगीतकारों में गिने जाते हैं। उन्हें त्यागराज और श्यामा शास्त्री के साथ कर्नाटक संगीत की त्रिमूर्ति माना जाता है। इन तीनों महान संगीतकारों ने दक्षिण भारतीय शास्त्रीय संगीत को नई पहचान देने में अहम भूमिका निभाई है।
दीक्षितार की रचनाओं की सबसे बड़ी खासियत उनमें संगीत, भक्ति और भारतीय दर्शन का अनूठा मेल होना है। उनकी ज्यादातर रचनाएं संस्कृत भाषा में लिखी गई हैं। इन रचनाओं में हिंदू देवी-देवताओं की स्तुति के साथ भारतीय धार्मिक और दार्शनिक परंपराओं की झलक दुखती है।
कहा जाता है कि मुथुस्वामी दीक्षितार ने पूरे जीवन में 450 से 500 रचनाएं बनाई थीं, जिनमें से कई आज भी क्लासिकल म्यूजिक कॉन्सर्ट में परफॉर्म की जाती हैं। उनकी संगीत रचनाएं अपनी खास शैली, भाषा और क्लासिकल बनावट के लिए जानी जाती हैं।
ये भी पढ़ें-

