EPFO Update-26043: नौकरी बदलते ही PF ऑटो ट्रांसफर होगा, 75% पैसा निकाल सकेंगे, जानें EPF-EPS मेंबर्स के लिए 10 बड़े बदलाव
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बिजनेस डेस्क. सेंट्रलाइज्ड IT इनेबल्ड सर्विसेज़ (CITES) प्रोजेक्ट के तहत एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) ने अपने सभी मेबर्स का डेटाबेस एक सेंट्रलाइज्ड प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर करके टेक्नोलॉजी से जुड़ा एक बड़ा बदलाव किया है। कहा जा रहा है कि इस बदलाव से EPFO की सर्विस की स्पीड और काम करने का तरीका बेहतर होगा।
यूनियन लेबर एंड एम्प्लॉयमेंट मिनिस्टर मनसुख मंडाविया ने कई बदलावों के बारे में ऐलान किया। इसमें ज्लदी क्लेम सेटलमेंट, नौकरी बदलने पर ऑटोमैटिक PF अकाउंट ट्रांसफर, एडवांस क्लेम्स के लिए ऑटो-सेटलमेंट की ज्यादा लिमिट, किसी भी PF ऑफिस से EPFO सर्विस का आसान एक्सेस और पैसे निकालने का आसान प्रोसेस शामिल है।
आइए यहां EPF और एम्प्लॉई पेंशन स्कीम (EPS) में होने वाले 10 बदलावों के बारे में जानते हैं।
1- 15 जुलाई तक EPF का ब्याज जमा होगा
यूनियन लेबर एंड एम्प्लॉयमेंट मिनिस्टर मनसुख मंडाविया के मुताबिक, EPFO फाइनेंशियल ईयर 2025–2026 का सालाना ब्याज 15 जुलाई 2026 तक मेबर्स के अकाउंट में जमा करेगा। नए प्लेटफॉर्म के जरिए लगभग 1.44 लाख रुपए ब्याज का प्रोसेस किया जाएगा। फील्ड अधिकारियों के वेरीफिकेशन के बाद यह रकम 34 करोड़ EPF खातों में जमा कर दी जाएगी।
2- यूनिफाइड डिजिटल इंटरफेस
मनसुख मंडाविया ने कहा कि, EPFO मेंबर पोर्टल लॉगइन करने पर सबस्क्राबर को अपनी मेंबरशिप डिटेल, प्रोविडेंट फंड बैलेंस, क्लेम स्टेटस, पेंशनेबल सर्विस रिर्काड्स और लिए गए बेनेफिट्स को देखने या एक्सेस करने के लिए यूनिफाइड डिजिटल इंटरफेस मिलेगा। इससे उन्हें अपने PF अकाउंट और क्लेम सबमिट करने की जानकारी लेने में आसानी होगी।

3- प्री-वैलिडेशन ऑटोमेशन
नए फ्रेमवर्क के तहत, अब EPFO ऑफिस में प्रोसेस होने से पहले मेंबर का क्लेम को ऑटोमेटेड प्री-वैलिडेशन होगा। अगर किसी भी तरह की कमी या गड़बड़ी होगी, तो उसे पहले ही पकड़ लिया जाएगा और मेंबर्स को गाइड किया जाएगा, जिससे काफी हद तक क्लेम रिजेक्शन को रोका जा सके और पहली बार में ही क्लेम स्वीकार होने की संभावना बढ़ेगी।
इसके आलावा मेंबर यह भी जान सकेंगे कि अलग-अलग कैटेगरी में EPF से पैसे निकालने के लिए एलिजिबल अमाउंट क्या है। पहले मेंबर्स को अक्सर नहीं पता होता था कि वह अलग-अलग कैटेगरी में कितना अमाउंट निकालने के लिए एलिजिबल हैं, जिससे तय लिमिट से ज्यादा रकम निकालने के लिए आवेदन करने पर क्लेम रिजेक्ट हो जाता था।
4- 5 लाख रुपए तक के एडवांस विड्राल के लिए ऑटो-सेटलमेंट
मनसुख मंडाविया ने आगे कहा कि, 5 लाख रुपए तक के एडवांस क्लेम का बड़ा हिस्सा पूरी तरह KYC लिंक्ड और वैलिडेटेड होगा, जो कि ऑटो-सेटलमेंट मैकेनिज्म के जरिए प्रोसेस किया जाएगा। अब ऑटो-सेटलमेंट मेथड पूरी तरह KYC लिंक्ड और अप्रूव्ड 5 लाख रुपए तक के क्लेम का निपटारा करेगा। मंडाविया ने कहा कि, एडवांस क्लेम के लिए ऑटो-सेटलमेंट की सीमा 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी गई है।
5- क्लेम का तेजी से निपटारा, EPFO ऑफिस जाने की जरुरत कम
मिनिस्टर ने कहा कि, क्लेम प्रोसेस के दैरान अगर किसी भी तरह की जानकारी या क्लैरिफिकेशन की जरुरत होगी, तो EPFO ऑफिस ऑनलाइन सवाल पूछ सकेंगे और मेंबर्स डिजिटली जवाब दे सकेंगे।
उनके मुताबिक, क्लेम का ज्लदी निपटारा होगा, EPFO ऑफिस जाने की जरुरत कम पड़ेगी और क्लेम रिजेक्ट होने की संख्या कम होगी। पहले मेंबर्स के पास क्लेम सबमिट करने और क्लैरिफिकेशन देने का ऑनलाइन तरीका नहीं था।
मंडाविया ने आगे कहा कि, क्लेम की पेमेंट एक सेंट्रलाइज्ड पेमेंट आर्किटेक्चर के जरिए प्रोसेस की जाएगी और तेज इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट चैनलों के जरिए भेजी जाएगी। इससे सेटलमेंट की रकम सुरक्षित, सही तरीके से और समय पर मेंबर्स के बैंक अकाउंट में सीधे क्रेडिट हो सकेगी।
6- पेमेंट की परमीशन मिलने की आखिरी तरीख तक इंटरेस्ट का पेंमेंट
उन्होंने कहा कि, मेंबर्स को पेमेंट करने में देरी होने पर भी एक्सट्रा इंटरेस्ट का पेमेंट किया जाएगा। अब नए अपडेटेड सिस्टम के मुताबिक, मेंबर्स को फाइनल PF पेमेंट पर ब्याज सिर्फ पिछले महीने का आखिरी दिन तक नहीं, बल्कि पेमेंट की मंजूरी मिलने की तारीख तक दिया जाएगा।
मिनिस्टर ने आगे कहा कि, पहले पार्शियल विड्रॉल के लिए 13 रूल थे, लेकिन अब इन्हें 3 कैटेगरी में बांट दिया गया है। इनमें ज्यादा जरुरत (Essential Needs), घर से जुड़ी जरुरतें (Housing Needs) और खास हालात शामिल हैं। इससे मेंबर्स के लिए पैसे निकालने के प्रोसेस को समझना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा। उनका कहना है कि, अब EPFO मेंबर्स अपने कुल PF बैलेंस का 75% तक पैसा निकाल सकेंगे।
7- अलग से कोई ट्रांसफर फॉर्म नहीं
मंडाविया ने आगे कहा कि, अब मेंबर्स को अलग से कोई ट्रांसफर फॉर्म फाइल करने की जरुरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि अब आधार लिंक्ड यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) बेस्ड PF अकाउंट ऑटोमैटिक ट्रांसफर हो जाएगा।
पहले PF अकाउंट ट्रांसफर करने के लिए EPFO ऑफिस, नए एम्प्लॉयर और पूराने एम्प्लॉयर तीनों से मंजूरी लेनी होती थी। इसके साथ ही सर्विस हिस्ट्री ट्रांसफर करने के लिए अलग से अप्लीकेशन देना पड़ता था।

8- पूरे इंडिया में किसी भी PF ऑफिस से EPFO सर्विस मिलेगी
उन्होंने आगे कहा कि, सेंट्रलाइज्ड IT सिस्टम होने के कीरण अब EPFO मेंबर्स को मदद और जानकारी के लिए सिर्फ उसी रीजनल ऑफिस पर डिपेंड नहीं रहना पड़ेगा, जहां पर उनका PF अकाउंट है। अब मेंबर्स देश के किसी भी PF ऑफिस से मदद और जानकारी ले सकेंगे।
9- EPS पेंशनर्स किसी भी EPFO ऑफिस में लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकेंगे
मंडाविया के मुताबिक, एम्पलॉई पेंशन स्कीम (EPS) में कवर होने पेंशनर्स किसी भी PF ऑफिस से सर्विस ले सकते हैं और साथ ही लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैंं।
10- किसी भी अकाउंट में पेंशन जमा होना
उन्होंने आगे कहा कि, सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम होने के कारण अब किसी भी रीजनल ऑफिस में क्लेम की गई पेंशन इंडिया में किसी भी बैंक खाते में जमा की जा सकती है। पहले रिटायर हुए लोग पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) से ही जुड़े लोग ब्रांच ऑफिस से पेंशन पा सकते थे।

