1 जुलाई से दिल्ली में न्यू EV पॉलिसी: सरकार EV की खरीद पर देगी 1 लाख तक; स्क्रैप करने पर भी सब्सिडी
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अपने पुराने वाहन स्क्रैप करने और EV खरीदने वालों को सब्सिडी दी जाएगी। (AI इमेज)
नेशनल डेस्क. दिल्ली कैबिनेट ने न्यू इलेक्ट्रिक व्हिकल (EV) पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। 1 जुलाई से केंद्रशासित प्रदेश में यह पॉलिसी लागू हो जाएगी। अब दिल्ली में 1 जनवरी 2027 से केवल EV ऑटो रिक्शा का रजिस्ट्रेशन हो सकेगा। 1 अप्रैल 2028 के बाद पेट्रोल-CNG टू व्हिलर के रजिस्ट्रेशन भी बंद हो जाएंगे।
दिल्ली सरकार ने विजन 2030 के तहत नई EV पॉलिसी जारी की है। इसके अनुसार, 2028 से दिल्ली में पेट्रोल से चलने वाले 2-व्हीलर्स का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना, इन्सेंटिव देना और शहर में बड़े पैमाने पर चार्जिंग स्टेशन लगाना है, ताकि प्रदूषण कम किया जा सके। इससे पहले EV पॉलिसी पर सुझाव मांगे गए थे। अब इसे अंतिम रूप दिया गया है।
इस पॉलिसी का मकसद वाहनों से निकलने वाला प्रदूषण को कम करना है, जिससे सर्दी के समय दिल्ली के एयर पॉल्यूशन कंट्रोल किया जा सके।
जानिए न्यू EV पॉलिसी के बारे में सबकुछ-
2030 तक 30 लाख से कम के EV टैक्स फ्री
दिल्ली को इलेक्ट्रिक हब बनाने के लिए और इस पॉलिसी को लागू करने के लिए सरकार ने 3,954.25 करोड़ रुपए का फंड प्रस्तावित किया है। 31 मार्च 2030 तक EV व्हीकल पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फ्री रहेगा। इसमें 30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कार खरीदी पर 100% लाभ मिलेगा। वहीं, हाइब्रिड व्हीकल को 50% लाभ मिलेगा, जबकि 30 लाख से अधिक की इलेक्ट्रिक कार खरीदी पर टैक्स में कोई छूट नहीं मिलेगी।
EV टू व्हीलर्स पर तीन साल तक सब्सिडी देने का भी प्रावधान है।

2028 के बाद पेट्रोल 2 व्हीलर्स को रजिस्ट्रेशन नहीं
EV को लेकर एक क्लीयर डेडलाइन दी गई है। दिल्ली में 1 जनवरी 2027 से केवल इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर्स को ही नया रजिस्ट्रेशन दिया जाएगा। 1 अप्रैल 2028 के बाद से पेट्रोल से चलने वाले 2 व्हीलर्स वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। सिर्फ 2 व्हीलर्स EV को ही रजिस्ट्रेशन मिलेगा।
कमर्शियल वाहनों पर भी कड़े प्रतिबंध
2 व्हीलर्स और 3.5 टन तक के हल्के लोडिंग व्हीकल को भी संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी। हालांकि BS-VI 2 व्हीलर्स वाहनों को 31 दिसंबर 2026 तक ही अनुमति दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस पॉलिसी को कुछ इस तरह बनाया गया है, जिससे लोगों को फ्यूल से EV में शिफ्ट होने में पर्याप्त समय मिल जाए। साथ ही EV इंडस्ट्री और कस्टमर इसे आसानी से अपना सकें। सरकार बड़े स्तर पर दिल्ली में चार्जिंग स्टेशन लगाने की प्लानिंग कर रही है।
स्क्रैप करने पर भी फायदा
अपने पुराने वाहन स्क्रैप करने और EV खरीदने वालों को सब्सिडी दी जाएगी। सरकार DBT के जरिए लाभार्थियों के अकाउंट में सब्सिडी ट्रांसफर करेगी।

स्कूल बस, सरकार वाहन भी इलेक्ट्रिक होंगे
पॉलिसी में स्कूल बस और सरकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक करने का टारगेट है। स्कूल बसें 100% EV की जाएंगी। अगले 2 साल में 10% वाहन EV करने का लक्ष्य है, 3 साल में 20% और 2030 तक 30% EV का टारगेट है।
नोटिफिकेशन जारी होने के बाद किराए या फिर लीज पर लिए गए सभी वाहन 100% EV होंगे। अब आगे सरकार जितने भी वाहन खरीदेगी या फिर लीज पर लेगी, वह सब EV होंगे। दूसरे राज्यों से आने वाली इंटरस्टेट बस को इलेक्ट्रिक बस में बदला जाएगा। भविष्य में हाईड्रोजन से चलने वाली बस संचालन का भी प्रावधान है।

