सीबीएसई बोर्ड देता है रीडिंग के लिए 15 मिनट का समय।
स्ट्रेटजी बनाएं, तो बढ़ सकते हैं 10-15 मार्क्स।
सबसे पहले पेपर के लेआउट को समझें।
मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन लास्ट में हल करें।
राज एक्सप्रेस। बोर्ड परीक्षा के लिए तैयारी कितनी भी अच्छी क्यों न हों, लास्ट मिन्ट में टेंशन होना स्वभाविक है। बिहार, राजस्थान, यूपी और सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, वहीं एमपी बोर्ड की परीक्षाएं 6 फरवरी से शुरू हो रही हैं। परीक्षा जो भी हो, सबकी तैयारी का प्रोसेस लगभग एक जैसा ही रहता है। अच्छे अंक लाने के लिए एग्जाम में टाइम मैनेजमेंट बहुत मायने रखता है। क्या आप जानते हैं कि सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में रीडिंग टाइम के लिए 15 मिनट दिए जाते हैं। इसे कूलिंग पीरियड भी कहा जाता है। चूंकि घर से लेकर एग्जाम सेंटर तक बच्चा बहुत तनाव में होता है, ऐसे में वह इन 15 मिनट को रिलेक्स होकर पेपर पढ़ने और इसे सॉल्व करने की स्ट्रेटजी बनाने के लिए यूज कर सकता है। हालांकि, अगर आप सोचते हैं कि इसका कोई फायदा नहीं है, तो आप गलत हैं। अगर 15 मिनट में पूरे क्वेश्चन पेपर को ठीक से पढ़ लिया जाए, तो आपके स्कोर में 10 से 15 अंकों तक का अंतर आ सकता है।
एक बार सीट पर बैठने के बाद, देख लें कि रोल नंबर सही ढंग से लिखा गया है और अपने क्वेश्चन पेपर के पेज गिनने के लिए कुछ समय लें। पेपर को शांत दिमाग से पूरा पढ़ना चाहिए। इसके हिसाब से स्ट्रेटजी बनाएं कि आप किन सवालों को पहले करना चाहते हैं।
अपरिचित सवाल देखकर आप परेशान हो सकते हैं। लेकिन ध्यान केंद्रित रहना और संयम न खोना जरूरी है। वरना आता हुआ भी भूल सकते हैं।
विशेषज्ञ शुरुआती 15 मिनट के दौरान मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन को न देखने की सलाह देते हैं। 15 मिनट का यह समय पूरी तरह से पेपर के लेआउट को समझने और पेपर को साॅल्व करने की प्लानिंग बनाने के लिए होना चाहिए। ज्यादा अंक वाले प्रश्नों पर सरसरी निगाह डालकर शुरुआत करें। फिर धीरे-धीरे कम अंक वाले प्रश्नों की तरफ बढ़ें। इन 15 मिनटों के लास्ट मिनट में, मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन पर नज़र डालें और परीक्षा के दौरान इन्हें आखिरी में हल करने की कोशिश करें।
एक बार पढ़ने का समय समाप्त हो जाने पर, उन प्रश्नों से शुरुआत करें जो आपको सबसे अच्छे से आते हैं। सबसे अच्छा तरीका यह है कि पेपर को सेक्शन वाइस सॉल्व करें। उस सेक्शन से शुरुआत करें, जिसमें आपको ज्यादा से ज्यादा सवालों के जवाब आते हों।
पूरे समय पॉजिटिव एटीटयूड बनाए रखना जरूरी है। अगर आपका पेपर जल्दी हो जाता है तो बचे हुए समय का उपयोग करें। इस दौरान आप पूरी आंसर शीट फिर से चैक कर सकते हैं कि कहीं कुछ छूटा तो नहीं है।
बोर्ड एग्जाम की कॉपी क्लीन होनी चाहिए। इसका मतलब है कि कॉपी में कोई कट न हो।
शीट के पहले या दूसरे पेज में किसी भी गलत उत्तर के काटने से बचें।
एक समय में एक ही सेक्शन पर ध्यान दें।
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