इंडिया ने PAK के 4 F-16 और AWACS तबाह किए: US की मदद से पाकिस्तान 9 एयरबेस रिपेयर करा रहा; ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने हमला किया था
Published:
3 min read

विदेश मंत्रालय ने स्क्रीनशॉट शेयर कर बताया कि इंडियन फोर्स ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। (इमेज-MEA India)
इंटरनेशनल डेस्क। भारत ने पहलगाम हमले के जवाब में मई में ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को गहरे जख्म दिए हैं। पाकिस्तान के 9 एयरबेस को टारगेट किया। इसमें 4 F-16 फाइटर जेट, स्वीडिश मेड AWACS एयरक्राफ्ट, रडार सिस्टम और कमांड सेंटर्स को जमींदोज कर दिया था। इस डैमेज की भरपाई अब अमेरिका की मदद से की जा रही है। हालांकि, पाकिस्तान के हुक्मरान और सेना इस नुकसान को भी अपनी जीत बताते हैं।
पहलगाम हमले के बाद की जवाबी कार्रवाई
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 6-7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर लाॅन्च किया। इसमें PoK में आतंकी ठिकानों को टारगेट किया। इसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। इन्हीं हमलों में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के परिवार के 10 लोग भी मारे गए थे।
CNN-News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसके किसी प्लेन या डिफेंस प्रॉप्रर्टी को नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि, रिपोर्ट और सैटेलाइट इमेज से यह साफ कर दिया है कि पाकिस्तान झूठ बोल रहा है। ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के कई प्रमुख एयरबेस पर सटीक मिसाइल हमले किए। आइए जानते हैं किस एयरबेस पर कितना नुकसान हुआ है।
PAF भोलारी एयरबेस- हैंगर में खड़ा F-16 विमान नष्ट हो गया। एक स्क्वाड्रन लीडर और चीफ टेक्नीशियन समेत पांच सैनिकों की मौत हो गई। स्वीडिश Saab 2000 Erieye AWACS एयरक्राफ्ट भी यहीं डैमेज हुआ। इसकी रिपेयरिंग अमेरिकी एयरफोर्स के इंजीनियरों ने की।
PAF शाहबाज एयरबेस (जैकबाबाद)- दो F-16 हैंगर तबाह हो गए।
नूर खान एयरबेस (रावलपिंडी)- एक F-16 और एक C-130 डैमेज हो गए।
सरगोधा, रहीम यार खान और मुशाफ एयरबेस- रनवे, कम्युनिकेशन सिस्टम और हैंगर को नुकसान हुआ।
इमरजेंसी फंड और अमेरिकी मदद
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने मई के अंत तक $400–$470 मिलियन के इंमरजेंसी फंड मंजूर किए, ताकि डैमेज विमानों और ठिकानों की मरम्मत हो सके। अमेरिका ने चीन को रिपेयरिंग करने में मदद करने से रोक दिया। अमेरिका ने ऐसा यह कहते हुए किया कि F-16 और C-130 से जुड़ी टेक्नोलॉजी चोरी होने का खतरा है। इसके बाद पाकिस्तान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और पूर्व सेंटकॉम चीफ माइकल कुरिल्ला से सीधी मदद मांगी। अमेरिका ने अल-उदीद (दोहा), अल धाफरा (अबू धाबी) और बेथेस्डा (मैरीलैंड) से विशेष टेक्निकल टीमों को पाकिस्तान भेजा।
सीक्रेट अमेरिकी मूवमेंट
जून से सितंबर 2025 के बीच कई अमेरिकी सैन्य विमान (C-17 और C-130) को नूर खान एयरबेस पर उतरते हुए ट्रैक किया गया। इसकी पुष्टि तब हुई जब पाकिस्तान ने जुलाई 2025 में जनरल कुरिल्ला को सर्वोच्च मिलिट्री सम्मान दिया।
रनवे आज भी डैमेज
ज्यादातर नुकसान की भरपाई कर ली गई, लेकिन रहीम यार खान एयरबेस का रनवे अब भी इस्तेमाल करने लायक नहीं है, क्योंकि पंजाब प्रांत में बाढ़ के चलते मरम्मत का काम पूरा नहीं हो सका है। PAF अब अमेरिकी-चीनी टेक्नॉलोजी के हाइब्रिड सैटेलाइट इंटीग्रेटेड रडार सिस्टम पर काम कर रहा है ताकि आने वाले समय में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। चीन के साथ बढ़ते रिश्तों के बावजूद पाकिस्तान को अब भी अमेरिकी मदद पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

